﻿रामायणम्/NS
तपःस्वाध्यायनिरतम्/NV तपस्वी/NV वाग्विदाम्/NV वरम्/NV 
नारदम्/NS परिपप्रच्छ/KP वाल्मीकिः/NS मुनिपुङ्गवम्/NV ।।/PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
कः/AP नु/A अस्मिन्/SN साम्प्रतम्/SNV लोके/NP गुणवान्/NV कः/AP च/APY वीर्यवान्/NV ।/PUNC
धर्मज्ञः/NV च/APY कृतज्ञः/NV च/APY सत्यवाक्यः/NV दृढव्रतः/NV ।।/PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
चारित्रेण/NP च/APY कः/AP युक्तः/KN सर्वभूतेषु/NP कः/AP हितः/KN ।/PUNC
विद्वान्/NV कः/AP कः/AP समर्थः/NV च/APY कः/AP च/DV एकप्रियदर्शनः/NV ।।/PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
आत्मवान्/NV कः/AP जितक्रोधः/NV द्युतिमान्/NV कः/APY अनसूयकः/NV ।/PUNC
कस्य/AP बिभ्यति/KP देवाः/NP च/APY जातरोषस्य/NP संयुगे/NP ।।/PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
एतद्/KV इच्छामि/KP अहम्/SN श्रोतुम्/KKS परम्/NV कौतूहलम्/NP हि/A मे/SN ।/PUNC
महर्षे/U त्वम्/SN समर्थः/NV असि/KP ज्ञातुम्/KKS एवंविधम्/ASD नरम्/NP ।।/PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
श्रुत्वा/KKS च/AVK एतत्SNV त्रिलोकज्ञः/NV वाल्मीकेः/NS नारदः/NS वचः/NP ।/PUNC
श्रूयताम्/KP इति/AUD च/APY आमन्त्र्य/KKS प्रहृष्टः/KN वाक्यम्/NP अब्रवीत्/KP ।।/PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
बहवः/NV दुर्लभाः/NV च/APY एव/INTF ये/SNV त्वया/SN कीर्तिताःKN गुणाः/NP ।/PUNC
मुने/U वक्ष्यामि/KP अहम्/SN बुद्ध्वा/KKS तैः/SN युक्तः/KN श्रूयताम्/KP नरः/NP ।।/PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
इक्ष्वाकुवंशप्रभवः/NV रामः/NS नाम/NP जनैः/NP श्रुतः/KN ।/PUNC                                              
नियतात्मा/NV महावीर्यः/NV द्युतिमान्/NV धृतिमान्/NV वशी/NV ।।/PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
बुद्धिमान्/NV नीतिमान्/NV वाग्ग्मी/NV श्रीमान्/NV शत्रुनिबर्हणः/NV ।/PUNC
विपुलांसः/NV महाबाहुः/NV कम्बुग्रीवः/NV महाहनुः/NV ।।/PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
महोरस्कः/NV महेष्वासः/NV गूढजत्रुः/NV अरिन्दमः/NV ।/PUNC
आजानुबाहुः/NV सुशिराः/NV सुललाटः/NV सुविक्रमः/NV ।।/PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
समः/NV समविभक्ताङ्गः/NV स्निग्धवर्णः/NV प्रतापवान्/NV ।/PUNC
पीनवक्षाः/NV विशालाक्षः/NV लक्ष्मीवान्/NV शुभलक्षणः/NV ।।/PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
धर्मज्ञः/NV सत्यसन्धः/NV च/APY प्रजानां/NV च/APY हिते/KN रतः/KN ।/PUNC
यशस्वी/NV ज्ञानसम्पन्नः/NV शुचिः/NV वश्यः/NV समाधिमान्/NV ।।/PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
प्रजापतिसमः/NV श्रीमान्/NV धाता/NV रिपुनिषूदनः/NV ।/PUNC
रक्षिता/NV जीवलोकस्य/NP धर्मस्य/NP परिरक्षिता/NV ।।/PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
रक्षिता/NV स्वस्य/NV धर्मस्य/NP स्वजनस्य/NP च/APY रक्षिता/NV ।/PUNC
वेदवेदाङ्गतत्वज्ञः/NV धनुर्वेदे/NS च/APY निष्ठितः/KN ।।/PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
सर्वशास्त्रअर्थतत्वज्ञः/NV स्मृतिमान्/NV प्रतिभानवान्/NV ।/PUNC
सर्वलोकप्रियः/NV साधुः/NV अदीनआत्मा/NV विचक्षणः/NV ।।/PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
सर्वदाभिगतः/NV सद्भिः/NV समुद्र/NP इव/ASD सिन्धुभिः/NP ।/PUNC
आर्यः/NV सर्वसमः/NV च/APY एव/INTF सदा/A एव/INTF प्रियदर्शनः/NV ।।/PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
सः/SN च/APY सर्वगुणोपेतः/NV कौशल्यानन्दवर्धनः/NV ।/PUNC                     
समुद्रः/NP इव/ASD गाम्भीर्ये/NV धैर्येण/NV हिमवान्/NV इव/ASD ।।/PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
विष्णुना/NS सदृशः/ASD वीर्ये/NV सोमवत्/ASD प्रियदर्शनः/NV ।/PUNC
कालाग्निसदृशः/ASD क्रोधे/NV क्षमया/NV पृथिवीसमः/ASD ।।/PUNC 18/PUNC ।।/PUNC                                     
धनदेन/NS समः/ASD त्यागे/NV सत्ये/NV धर्मः/NP इव/ASD अपरः/NV ।/PUNC
तम्/SN एवं/APY गुणसम्पन्नं/NV रामं/NS सत्यपराक्रमम्/NV ।।/PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
ज्येष्ठं/NV ज्येष्ठगुणैः/NV युक्तं/KN प्रियं/NV दशरथः/NS सुतम्/NP ।/PUNC
प्रकृतीनां/NP हितैः/KN युक्तं/KN प्रकृतिप्रियकाम्यया/NV ।।/PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
यौवराज्येन/NV संयोक्तुम्/KN ऐच्छत्/KP प्रीत्या/NV महीपतिः/NV ।/PUNC
तस्य/SN अभिषेकसम्भारान्/NP दृष्ट्वा/KKS भार्या/NP अथ/A कैकेयी/NS ।।/PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
पूर्वं/NV दत्तवरा/NP देवी/NV वरम्/NP एनम्/KV अयाचत/KP ।/PUNC
विवासनं/NP च/APY रामस्य/NS भरतस्य/NS अभिषेचनम्/NP ।।/PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
सः/SNV सत्यवचनात्/NV राजा/NP धर्मपाशेन/NP संयतः/KN ।/PUNC
विवासयामास/KP सुतं/NP रामं/NS दशरथः/NS प्रियम्/NV ।।/PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
सः/SNV जगाम/KP वनं/NP वीरः/NV प्रतिज्ञाम्/NP अनुपालयन्/KNV ।/PUNC
पितुः/NP वचननिर्देशात्/NP कैकेय्याः/NS प्रियकारणात्/NP ।।/PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
तं/SN व्रजन्तं/KN प्रियः/NV भ्राता/NP लक्ष्मणः/NS अनुजगाम/KP ह/A ।/PUNC
स्नेहात्/NV विनयसम्पन्नः/NV सुमित्रानन्दवर्धनः/NV ।।/PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
भ्रातरं/NP दयितः/KN भ्रातुः/NP सौमात्रम्/NS अनुदर्शयन्/KKS ।/PUNC
रामस्य/NS दयिता/KN भार्या/NP नित्यं/NV प्राणसमा/ASD हिता/KN ।।/PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
जनकस्य/NS कुले/NP जाता/KN देवमाया/NV इव/ASD निर्मिता/KN ।/PUNC
सर्वलक्षणसम्पन्ना/NV नारीणाम्/NP उत्तमा/NV वधूः/NP  ।।/PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
सीता/NS अपि/ASD अनुगता/KN रामं/NS शशिनं/NS रोहिणी/NS यथा/ASD ।/PUNC
पौरैः/NP अनुगतः/KN दूरं/A पित्रा/NP दशरथेन/NS च/AVK ।।/PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
शृङ्गवेरपुरे/NS सूतं/NP गङ्गाकूले/NP व्यसर्जयत्/KP ।/PUNC
गुहम्/NS आसाद्य/KKS धर्मात्मा/NV निषादाधिपतिं/NV प्रियम्/NV  ।।/PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
गुहेन/NS सहितः/KN रामः/NS लक्ष्मणेन/NS च /APY सीतया/NS ।/PUNC
ते/SN वनेन/NP वनं/NP गत्वा/KKS नदीः/NP तीर्त्वा/KKS बहूदकाः/NV ।।/PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
चित्रकूटम्/NS अनुप्राप्य/KKS भरद्वाजस्य/NS शासनात्/NP ।/PUNC
रम्यम्/NV आवसथं/KN कृत्वा/KKS रममाणाः/KNV वने/NP त्रयः/SMKY ।।/PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
देवगन्धर्वसङ्काशाः/NP तत्र/SN ते/SNV न्यवसन्/KNV सुखम्/NV ।/PUNC
चित्रकूटं/NS गते/KN रामे/NS पुत्रशोकातुरः/NV तथा/AVK ।।/PUNC 32/PUNC ।।/PUNC
राजा/NV दशरथः/NS स्वर्गं/NP जगाम/KP विलपन्/KNV सुतम्/NP ।/PUNC
गते/KN तु/A तस्मिन्/SN भरतः/NS वसिष्ठः/NS प्रमुखैः/NV द्विजैः/NP ।।/PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
नियुज्यमानः/NV राज्याय/NP न/AN ऐच्छत्/KP राज्यं/NP महाबलः/NV ।/PUNC
सः/SN जगाम/KP वनं/NP वीरः/NV रामपादप्रसादकः/NV  ।।/PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
गत्वा/KKS तु/A सः/SNV महात्मानं/NV रामं/NS सत्यपराक्रमम्/NV ।/PUNC
अयाचत्/KP भ्रातरं/NP रामम्/NS आर्यभावपुरस्कृतः/KN ।।/PUNC 35/PUNC ।।/PUNC
त्वम्/SN एव/INTF राजा/NP धर्मज्ञः/NV इति/AUD रामं/NS वचः/NP अब्रवीत्/KP ।/PUNC
रामः/NS अपि/ASD परमोदारः/NV सुमुखः/NV सुमहायशाः/NV ।।/PUNC 36/PUNC ।।/PUNC
न/AN च/AVK ऐच्छत्/KP पितुः/NP आदेशात्/NP राज्यं/NP रामः/NS महाबलः/NV ।/PUNC
पादुके/NP च/AVK अस्य/SNV राज्याय/NP न्यासं/NP दत्त्वा/KKS पुनः/A पुनः/DV  ।।/PUNC 37/PUNC ।।/PUNC            
निवर्तयामास/KP ततः/KV भरतं/NS भरताग्रजः/NV ।/PUNC
सः/SN कामम्/NV अनवाप्य/KKS एव/INTF रामपादौ/NP उपस्पृशन्/KNV ।।/PUNC 38/PUNC ।।/PUNC
नन्दिग्रामे/NS अकरोत्/KP राज्यं/NP रामागमनकाङ्क्षया/KV ।/PUNC
गते/KN तु/A भरते/NS श्रीमान्/U सत्यसन्धः/NV जितेन्द्रियः/NV ।।/PUNC 39/PUNC ।।/PUNC
रामः/NS तु/A पुनः/A आलक्ष्य/KKS नागरस्य/NP जनस्य/NP च/APY ।/PUNC
तत्र/SN आगमनम्/NP एकाग्रः/NV दण्डकान्/NS प्रविवेश/KP ह/A  ।।/PUNC 40/PUNC ।।/PUNC
प्रविश्य/KKS तु/A महारण्यं/NP रामः/NS राजीवलोचनः/NV ।/PUNC
विराधं/NV राक्षसं/NP हत्वा/KKS शरभङ्गं/NS ददर्श/KP ह/A ।।/PUNC 41/PUNC ।।/PUNC
सुतीक्ष्णं/NV च/AVK अपि/AVK अगस्त्यं/NS च/APY अगस्त्यभ्रातरं/NP तथा/A ।/PUNC
अगस्त्यवचनात्/NP च/APY एव/INTF जग्राह/KP ऐन्द्रं/NS शरासनम्/NP ।।/PUNC 42/PUNC ।।/PUNC
खड्गं/NP च/APY परमप्रीतः/NV तूणी/NP चAPY अक्षयसायकौ/NV ।/PUNC
वसतः/KN तस्य/SNV रामस्य/NS वने/NP वनचरैः/NP सह/AUP ।।/PUNC 43/PUNC ।।/PUNC
ऋषयः/NP अभ्यागमन्/KNV सर्वे/SNV वधाय/KP आसुर/NP रक्षसाम्/NP ।/PUNC
सः/SN तेषां/SN प्रतिशुश्राव/KP राक्षसानां/NP तदा/KV वने/NP ।।/PUNC 44/PUNC ।।/PUNC
प्रतिज्ञातः/KN च/AVK रामेण/NS वधः/NP संयति/NP रक्षसाम्/NP ।/PUNC
ऋषीणाम्/NP अग्निकल्पानां/NP दण्डकारण्यवासिनाम्/NP ।।/PUNC 45/PUNC ।।/PUNC
तेन/SN तत्र/A एव/INTF वसता/KN जनस्थाननिवासिनी/NV ।/PUNC
विरूपिता/NV शूर्पणखा/NS राक्षसी/NP कामरूपिणी/NV ।।/PUNC 46/PUNC ।।/PUNC
ततः/A शूर्पणखावाक्यात्/NP उद्युक्तान्/KNV सर्वराक्षसान्/NP ।/PUNC
खरं/NS त्रिशिरसं/NS च/APY एव/INTF दूषणं/NS च/APY एव/INTF राक्षसम्/NP  ।।/PUNC 47/PUNC ।।/PUNC
निजघान/KP रणे/NP रामः/NS तेषां/SN च/AVK एव/INTF पदानुगान्/KNV ।/PUNC
वने/NP तस्मिन्/SNV निवसता/KN जनस्थाननिवासिनाम्/NP ।।/PUNC 48/PUNC ।।/PUNC
रक्षसां/NP निहतानि/KP आसन्/KV सहस्राणि/SMKY चतुर्दश/SMKY ।/PUNC
ततः/A ज्ञातिवधं/NP श्रुत्वा/KKS रावणः/NS क्रोधमूर्छितः/KN ।।/PUNC 49/PUNC ।।/PUNC
सहायं/AUP वरयामास/NP मारीचं/NS नाम/NP राक्षसम्/NP ।/PUNC
वार्यमाणः/NV सुबहुशः/NV मारीचेन/NS सः/SNV रावणः/NS ।।/PUNC 50/PUNC ।।/PUNC
न/AN विरोधः/NP बलवता/NV क्षमः/NP रावण/NS तेन/SN ते/SN ।/PUNC
अनादृत्य/KKS तु/A तत्वाक्यं/NP रावणः/NS कालचोदितः/KN ।।/PUNC 51/PUNC ।।/PUNC
जगाम/KP सह/AUP मारीचः/NS तस्य/SN आश्रमपदं/NP तदा/KV ।/PUNC
तेन/SNV मायाविना/NV दूरम्/KV अपवाह्य/KKS नृपात्मजौ/NP ।।/PUNC 52/PUNC ।।/PUNC
जहार/KP भार्यां/NP रामस्य/NS गृध्रं/NP हत्वा/KKS जटायुषम्/NS ।/PUNC
गृध्रं/NP च/APY निहतं/KN दृष्ट्वा/KKS हृतां/KN श्रुत्वा/KKS च/APY मैथिलीम्/NS ।।/PUNC 53/PUNC ।।/PUNC
राघवः/NS शोकसन्तप्तः/KN विललाप/KP आकुलेन्द्रियः/NV ।/PUNC
ततः/A तेन/SN एव/INTF शोकेन/NV गृध्रं/NP दग्ध्वा/KKS जटायुषम्/NS ।।/PUNC 54/PUNC ।।/PUNC
मार्गमाणः/KNV वने/NP सीतां/NS राक्षसं/NP सन्ददर्श/KP ह/A ।/PUNC
कबन्धं/NS नाम/NP रूपेण/NP विकृतं/KN घोरदर्शनम्/NV ।।/PUNC 55/PUNC ।।/PUNC
तं/SN निहत्य/KKS महाबाहुः/NV ददाह/KP स्वर्/NP गतः/KN च/APY सः/SN ।/PUNC
सः/SN च/AVK अस्य/SNV कथयामास/KP शबरीं/NS धर्मचारिणीम्/NV ।।/PUNC 56/PUNC ।।PUNC
श्रमणां/NV धर्मनिपुणाम्/NV अभिगच्छ/KP इति/AUD राघव/NS ।/PUNC
सः/SN अभ्यगच्छन्/KNV महातेजाः/NV शबरीं/NS शत्रुसूदनः/NV ।।/PUNC 57/PUNC ।।/PUNC
शबर्या/NS पूजितः/KN सम्यक्/KV रामः/NS दशरथात्मजः/NP ।/PUNC
पम्पातीरे/NP हनुमता/NS सङ्गतः/KN वानरेण/NP ह/A ।।/PUNC 58/PUNC ।।/PUNC
हनुमद्वचनात्/NP च/AVK एव/INTF सुग्रीवेण/NS समागतः/KN ।/PUNC
सुग्रीवाय/NS च/AVK तत्सर्वं/SNV शंसद्/KP रामः/NS महाबलः/NV ।।/PUNC 59/PUNC ।।/PUNC
आदितः/KN तत्/SNV यथावृत्तं/NP सीतायाः/NS च/APY विशेषतः/KN ।/PUNC
सुग्रीवः/NS च/AVK अपि/ASD तत्सर्वं/KV श्रुत्वा/KKS रामस्य/NS वानरः/NP ।।/PUNC 60/PUNC ।।/PUNC
चकार/KP सख्यं/NP रामेण/NS प्रीतः/KN च/AVK एव/INTF अग्निसाक्षिकम्/NP ।/PUNC
ततः/A वानरराजेन/NV वैरानुकथनं/NP प्रति/AUP ।।/PUNC 61/PUNC ।।/PUNC
रामाय/NS आवेदितं/KN सर्वं/KV प्रणयात्/NV दुःखितेन/NV च/APY।
प्रतिज्ञातं/KN च/AVK रामेण/NS तदा/A वालिवधं/NP प्रति/AUP ।।/PUNC 62/PUNC ।।/PUNC
वालिनः/NS च/AVK बलं/NP तत्र/KV कथयामास/KP वानरः/NP ।/PUNC
सुग्रीवः/NS शङ्कितः/KN च/AVK आसीत्/KP नित्यं/KV वीर्येण/NV राघवे/NS ।।/PUNC 63/PUNC ।।/PUNC
राघवप्रत्ययार्थं/NP तु/A दुन्दुभेः/NP कायम्/NP उत्तमम्/NV ।/PUNC
दर्शयामास/KP सुग्रीवः/NS महापर्वतसन्निभम्/NV ।।/PUNC 64/PUNC ।।/PUNC
उत्स्मयित्वा/KKS महाबाहुः/NV प्रेक्ष्य/KKS च/APY अस्थि/NP महाबलः/NV ।/PUNC
पादाङ्गुष्ठेन/NP चिक्षेप/KP सम्पूर्णं/KV दशयोजनम्/NP ।।/PUNC 65/PUNC ।।/PUNC
बिभेद/KP च/AVK पुनः/A सालान्/NP सप्त/SMKY एकेन/A महेषुणा/NV ।/PUNC
गिरिं/NP रसातलं/NP च/APY एव/INTF जनयन्/KNV प्रत्ययं/NP तदा/KV ।।/PUNC 66/PUNC ।।/PUNC
ततः/A प्रीतमनाः/NV तेन/SN विश्वस्तः/KN सः/SNV महाकपिः/NV ।/PUNC
किष्किन्धां/NS रामसहितः/KN जगाम/KP च/APY गुहां/NP तदा/KV ।।/PUNC 67/PUNC ।।/PUNC
ततः/KV अगर्जत्/KP हरिवरः/NV सुग्रीवः/NS हेमपिङ्गलः/NV ।/PUNC
तेन/SN नादेन/NP महता/NV निर्जगाम/KP हरीश्वरः/NV ।।/PUNC 68/PUNC ।।/PUNC
अनुमान्य/KKS तदा/KV तारां/NS सुग्रीवेण/NS समागतः/KN ।/PUNC 
निजघान/KP च/AVK तत्र/KV एनं/SN शरेण/NP एकेन/SMKY राघवः/NS ।।/PUNC 69/PUNC ।।/PUNC
ततः/KV सुग्रीववचनात्/NP हत्वा/KKS वालिनम्/NS आहवे/KP ।/PUNC
सुग्रीवम्/NS एव/INTF तत्/NV राज्ये/NP राघवः/NS प्रत्यपादयत्/KP ।।/PUNC 70/PUNC ।।/PUNC
सः/SN च/AVK सर्वान्/SNV समानीय/NV वानरान्/NP वानॠषभः/NV ।/PUNC
दिशः/KV प्रस्थापयामास/KP दिदृक्षुः/KP जनकात्मजाम्/NP ।।/PUNC 71/PUNC ।।/PUNC
ततः/A गृध्रस्य/NP वचनात्/NP सम्पातेः/NS हनुमान्/NS बली/NV ।/PUNC
शतयोजनविस्तीर्णं/NV पुप्लुवे/NP लवणार्णवम्/NP ।।/PUNC 72/PUNC ।।/PUNC
तत्र/SNV लङ्कां/NS समासाद्य/KKS पुरीं/NP रावणपालिताम्/NV ।/PUNC
ददर्श/KP सीतां/NS ध्यायन्तीम्/KNV अशोकवनिकां/NS गताम्/KP ।।/PUNC 73/PUNC ।।/PUNC
निवेदयित्वा/KKS अभिज्ञानं/NP प्रवृत्तं/KN विनिवेद्य/KKS च/APY ।/PUNC
समाश्वास्य/KP च/APY वैदेहीं/NS मर्दयामास/KP तोरणम्/NP ।।/PUNC 74/PUNC ।।/PUNC
पञ्च/SMKY सेनाग्रगान्/NP हत्वा/KKS सप्त/SMKY मन्त्रिसुतान्/NP अपि/ASD ।/PUNC
शूरम्/NP अक्षं/NP च/APY निष्पिष्य/KKS ग्रहणं/NP समुपागमत्/KP ।।/PUNC 75/PUNC ।।/PUNC
अस्त्रेण/NP उन्मुक्तम्/KP आत्मानं/NP ज्ञात्वा/KKS पैतामहात्/NP वरात्/NP ।/PUNC
मषर्यन्/KNV राक्षसान्/NP वीरः/NV यन्त्रिणः/NP तान्/SN यदृच्छया/KV ।।/PUNC 76/PUNC ।।/PUNC
ततः/KV दग्ध्वा/KKS पुरीं/NP लङ्काम्/NS ऋते/AUP सीतां/NS च/APY मैथिलीम्/NS ।/PUNC
रामाय/NS प्रियम्/NV आख्यातुं/KKS पुनः/A आयात्/KP महाकपिः/NV ।।/PUNC 77/PUNC ।।/PUNC
सः/SN अभिगम्य/KKS महात्मानं/NP कृत्वा/KKS रामं/NS प्रदक्षिणम्/NP ।/PUNC
न्यवेदयत्/KP अमेयात्मान्/NP दृष्टा/KN सीता/NS इति/AUD तत्त्वतः/NP ।।/PUNC 78/PUNC ।।/PUNC
ततः/KV सुग्रीवसहितः/KN गत्वा/KKS तीरं/NP महोदधे/NV
समुद्रं/NP क्षोभयामास/KP शरैः/NP आदित्यसन्निभैः/NV ।।/PUNC 79/PUNC ।।/PUNC
दर्शयामास/KP च/APY आत्मानं/NV समुद्रः/NP सरितां/NP पतिः/NP ।/PUNC
समुद्रवचनात्/NP च/APY एव/INTF नलं/NS सेतुम्/NP अकारयत्/KP ।।/PUNC 80/PUNC ।।/PUNC
तेन/SN गत्वा/KKS पुरीं/NP लङ्कां/NS हत्वा/KKS रावणम्/NS आहवे/KP ।/PUNC
रामः/NS सीताम्/NS अनुप्राप्य/KKS परां/NV व्रीडाम्/NV उपागमत्/KP ।।/PUNC 81/PUNC ।।/PUNC
ताम्/SN उवाच/KP ततः/KV रामः/NS परुषं/NV जनसंसदि/NP ।/PUNC
अमृष्यमाणा/KNV सा/SNV सीता/NS विवेश/KP ज्वलनं/NV सती/NV ।।/PUNC 82/PUNC ।।/PUNC
ततः/A अग्निवचनात्/NP सीतां/NS ज्ञात्वा/KKS विगतकल्मषम्/NP ।/PUNC
कर्मणा/NP तेन/SN महता/NV त्रैलोक्यं/NP सचराचरम्/NV ।।/PUNC 83/PUNC ।।/PUNC
स/SN देवऋषिगणं/NP तुष्टं/KN राघवस्य/NS महात्मनः/NV ।/PUNC
बभौ/KP रामः/NS संप्रहृष्टः/NV पूजितः/KN सर्वदैवतैः/NP ।।/PUNC 84/PUNC ।।/PUNC
अभिषिच्य/KKS च/APY लङ्कायां/NS राक्षसेन्दं/NV विभीषणम्/NS ।/PUNC
कृतकृत्यः/KKS तदा/KV रामः/NS विज्वरः/NV प्रमुमोद/NV ह/A ।।/PUNC 85/PUNC ।।/PUNC
देवताभ्यः/NP वरं/NP प्राप्य/KKS समुत्थाप्य/KKS च/APY वानरान्/NP ।/PUNC
अयोध्यां/NS प्रस्थितः/KN रामः/NS पुष्पकेण/NS सुहृद्वृतः/KN ।।/PUNC 86/PUNC ।।/PUNC
भरद्वाजाश्रमं/NP गत्वा/KKS रामः/NS सत्यपराक्रमः/NV ।/PUNC
भरतस्य/NS अन्तिके/AUP रामः/NS हनूमन्तं/NS व्यसर्जयत्/KP ।।/PUNC 87/PUNC ।।/PUNC
पुनः/A आख्यायिकां/NP जल्पन्/KNV सुग्रीवसहितः/KN तदा/A ।/PUNC
पुष्पकं/NS तत्/SNV समारुह्य/KKS नन्दिग्रामं/NS ययौ/SN तदा/A ।।/PUNC 88/PUNC ।।/PUNC
नन्दिग्रामे/NS जटां/NP हित्वा/KKS भ्रातृभिः/NP सहितः/KN अनघः/NV ।/PUNC
रामः/NS सीताम्/NS अनुप्राप्य/KKS राज्यं/NP पुनः/A अवाप्तवान्/KN ।।/PUNC 89/PUNC ।।/PUNC
प्रहृष्टमुदितः/KN लोकः/NP तुष्टः/NV पुष्टः/NV सुधार्मिकः/NV ।/PUNC
निरामयः/NV हि/A अरोगः/NV च/APY दुर्भिक्षभयवर्जितः/KN ।।/PUNC 90/PUNC ।।/PUNC
न/AN पुत्रमरणं/NP केचित्/A द्रक्ष्यन्ति/KP पुरुषः/NP क्वर्चित्/A ।/PUNC
नार्यः/NP च/AVK अविधवाः/NV नित्यं/KV भविष्यन्ति/KP पतिव्रताः/NV ।।/PUNC 91/PUNC ।।/PUNC
न/AN च/APY अग्निजं/NV भयं/NP किञ्चित्/A न/AN अप्सु/NP मज्जन्ति/KP जन्तवः/NP ।/PUNC
न/AN वातजं/NV भयं/NP किञ्चित्/A न/AN अपि/A ज्वरकृतं/KN तथा/APY ।।/PUNC 92/PUNC ।।/PUNC
न/AN च/APY अपि/A क्षुद्भयं/NV तत्र/A न/AN तस्करभयं/NV तथा/APY ।/PUNC
नगराणि/NP च/APY राष्ट्राणि/NP धनधान्ययुतानि/NV च/APY ।।/PUNC 93/PUNC ।।/PUNC
नित्यं/KV प्रमुदिताः/KN सर्वे/SN यथा/ASD कृतयुगे/NP तथा/ASD ।/PUNC
अश्वमेधशतैः/NP इष्ट्वा/KKS तथा/A बहुसुवर्णकैः/NP ।।/PUNC 94/PUNC ।।/PUNC
गवां/NP कोट्यायुतं/KN वा/APY विद्वद्भ्यः/NV विधिपूर्वकम्/NV ।/PUNC
असंख्येयं/NV धनं/NP वा/APY ब्राह्मणेभ्यः/NP महायशाः/NV ।।/PUNC 95/PUNC ।।/PUNC                      
राजवंशान्/NP शतगुणान्/NV स्थापयिष्यति/KP राघवः/NS ।/PUNC
चातुर्वर्ण्यं/NP च/AVK लोके/NP अस्मिन्/SNV स्वे/A स्वे/DV धर्मे/NP नियोक्ष्यति/KP ।।/PUNC 96/PUNC ।।/PUNC
दशवर्षसहस्राणि/NP दशवर्षशतानि/NP च/APY ।/PUNC
रामः/NS राज्यमोपासित्वा/KKS ब्रह्मलोकं/NP प्रयास्यति/KP ।।/PUNC 97/PUNC ।।/PUNC
इदं/SNV पवित्रं/NV पापघ्नं/NV पुण्यं/NV वेदैः/NS च/APY सम्मितम्/KN ।/PUNC
यः/SN पठेत्/KP रामचरितं/KN सर्वपापैः/NP प्रमुच्यते/KP ।।/PUNC 98/PUNC ।।/PUNC
एतत्/SNV आख्यानम्/NP आयुष्यं/NV पठन्/KNV रामायणं/NS नरः/NP ।/PUNC
सपुत्रपौत्रः/KV सगणः/KV प्रेत्य/KKS स्वर्गे/NP महीयते/KP ।।/PUNC 99/PUNC ।।/PUNC
पठन्/KNV द्विजः/NP वाग्ऋषभत्वम्/NV ईयात्/KP स्यात्/KP क्षत्रियः/NP भूमिपतित्वम्/NV ईयात्/DV ।/PUNC
वणिग्जनः/NP पण्यफलत्वम्/NV ईयात्/KP जनः/NP च/APY शूद्रः/NP अपि/ASD महत्वम्/NV ईयात्/KP  ।।/PUNC 100/PUNC ।।/PUNC


